पर मैं खुश हूं
पर मैं खुश हूं
लोग मुझे बच्चा कहते हैं
पर मैं खुश हूं
लोग मुझे अपरिपक्व कहते हैं
पर मैं खुश हूं
आसान है क्या बच्चा होना?
अपना मन साफ रखना
वर्तमान में जीना
कहीं भी, कभी भी
खुल के रोना
खुल के हंसना
बिना किसी घमंड
और परिपक्वता के नाटक से दूर रहना।
आसान है क्या बच्चा होना??
हर किसी के साथ घुल-मिल जाना
कोई अपना नहीं, कोई पराय नहीं
सबको बराबर प्यार देना
महीनों तक जब परिवार वालों से न मिलों
कोई त्योहार न मनाओ
तब भी अपने चेहरे पर १०० वा़ट वाली मुस्कराहट से
दोस्तों, वरिष्ठों, शिक्षकों में ही अपना परिवार ढूंढना
आसान है क्या बच्चा होना?
निस्वार्थ भाव से किसी से जुड़ना
लोगों से अपनी बात बिना किसी संकोच से व्यक्त करना
आसान है क्या बच्चा होना!
सपने देखना
उनमें जीना
सबसे अपने सपनों की बातें करना
बिना किसी परवाह के बस उनमें चलते जाना
आसान है क्या बच्चा होना?
निराश होकर अगले ही पल भूल जाना
फिर दुनिया में अच्छाई की तलाश करना
आसान है क्या बच्चा होना?
जान से प्यारे दोस्तों, परिवार, वरिष्ठों, शिक्षकों के लिए लड़ सकता है बच्चा
अपने आपको समर्पित कर सकता है बच्चा
खुल के हंस सकता है बच्चा
और रो भी सकता है
क्योंकि बच्चा तो बच्चा है
कुछ भी कर सकता है
लोग मुझे बच्चा कहते हैं
पर मैं खुश हूं
लोग मुझे अपरिपक्व कहते हैं
पर मैं खुश हूं
क्योंकि बच्चा तो बच्चा है
कुछ भी कर सकता है।।
लोग मुझे बच्चा कहते हैं
पर मैं खुश हूं
लोग मुझे अपरिपक्व कहते हैं
पर मैं खुश हूं
आसान है क्या बच्चा होना?
अपना मन साफ रखना
वर्तमान में जीना
कहीं भी, कभी भी
खुल के रोना
खुल के हंसना
बिना किसी घमंड
और परिपक्वता के नाटक से दूर रहना।
आसान है क्या बच्चा होना??
हर किसी के साथ घुल-मिल जाना
कोई अपना नहीं, कोई पराय नहीं
सबको बराबर प्यार देना
महीनों तक जब परिवार वालों से न मिलों
कोई त्योहार न मनाओ
तब भी अपने चेहरे पर १०० वा़ट वाली मुस्कराहट से
दोस्तों, वरिष्ठों, शिक्षकों में ही अपना परिवार ढूंढना
आसान है क्या बच्चा होना?
निस्वार्थ भाव से किसी से जुड़ना
लोगों से अपनी बात बिना किसी संकोच से व्यक्त करना
आसान है क्या बच्चा होना!
सपने देखना
उनमें जीना
सबसे अपने सपनों की बातें करना
बिना किसी परवाह के बस उनमें चलते जाना
आसान है क्या बच्चा होना?
निराश होकर अगले ही पल भूल जाना
फिर दुनिया में अच्छाई की तलाश करना
आसान है क्या बच्चा होना?
जान से प्यारे दोस्तों, परिवार, वरिष्ठों, शिक्षकों के लिए लड़ सकता है बच्चा
अपने आपको समर्पित कर सकता है बच्चा
खुल के हंस सकता है बच्चा
और रो भी सकता है
क्योंकि बच्चा तो बच्चा है
कुछ भी कर सकता है
लोग मुझे बच्चा कहते हैं
पर मैं खुश हूं
लोग मुझे अपरिपक्व कहते हैं
पर मैं खुश हूं
क्योंकि बच्चा तो बच्चा है
कुछ भी कर सकता है।।
Thanks😅🤗🙂
ReplyDeleteNice😊
ReplyDeleteThankyou
DeleteGajab. Very good
ReplyDeleteDhanyawaad
DeleteBhut bdiya
ReplyDeleteThanks dear
DeleteNice one
ReplyDeleteKeep the spirit up
Thanks sir...this is just small step seniors ko dekh k aapko vipul sir,sunil sir and yes my batchmates Yuvraj and Harshita
DeleteKeep it up... Keep writing 🖋️
ReplyDeleteThanks mam..shayad aapke bina ye possible nahi tha..i still remember first time aapke bolne per hi mene likhna shuru kiya tha
DeleteImpressive.....
ReplyDeleteUsually I never comment on blogs but your article is so convincing that I never stop myself to say something about it. You’re doing a great job, Keep it up.
Good luck for upcoming article..........
Thankyou so much sir 😊
DeleteAgar zindagi m kuch krna h..to bacche ban jao...
ReplyDeleteVery good choti...😚😚😚
True yrr.. isle hi toh Mai khus hu I never cares when they used to say me like this 😋😋
DeleteSo sweet of you Manisha .. keep writing 👌👌
ReplyDeleteDhanyawaad mam😙😙
Deleteबहुत सुंदर अभिव्यक्ति बाबा केदारनाथ आप पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें
ReplyDeleteDhanyawaad mama ji
DeleteAre manisha badi ho gai
ReplyDeleteNa yrr asli maza jeevan ka baccha rehne me hi hai yrr
DeleteVery nice manisha👌👌
ReplyDeleteThankyou so much mam😚
DeleteIt's amazing..n a very true n genuine thought!!!
ReplyDeleteThankyou so much
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